Skip to main content
Submitted by PatientsEngage on 14 July 2026
Picture of sickle cell warrior Hemant and the title overlay सिकल सेल रोग ने मेरे जीवन के विकल्पों  को प्रभावित किया है।

मध्य प्रदेश के बेतूल निवासी 28 वर्षीय हेमंत, सिकल सेल रोग के साथ अपने जीवन के सफर का वर्णन करते हैं और बताते हैं कि सिकल सेल ने उनकी पढ़ाई, काम और रिश्तों को कैसे प्रभावित किया है। वे रोजमर्रा की समस्याओं और मौसमी बदलावों से निपटने के लिए कुछ सुझाव भी साझा करते हैं।

आपकी इस बीमारी का निदान कब हुआ/आपको इस बीमारी का पता कब चला?

मुझे इस बीमारी के बारे में सितंबर 2023 को पता चला।

शुरुआती संकेत/लक्षण क्या थे? डायग्नोसिस/निदान कैसे हुआ?

शुरुआती लक्षण के रूप में हाथ में दर्द तथा बिलीरुबिन/पीलिया बढ़ गया था, और शरीर में कमजोरी तथा बुखार आया था। ऐसे तो कंफर्म नहीं पता है लेकिन दर्द तो बचपन से ही हो रहा था लेकिन 5 से 6 साल की उम्र होंगी।

उस समय कौन-कौन से टेस्ट किए गए थे?

उस समय CBC, LFT, KFT और HPLC tests किए गए थे।

क्या आपके परिवार में किसी को सिकल सेल था/है?

पहले ऐसा पता नहीं था लेकिन जब पता चला कि मुझे सिकल सेल है तब डॉक्टर ने सलाह दी और उसके बाद मम्मी और पापा का HPLC टेस्ट कराया तब उनकी रिपोर्ट में ट्रैत (Trait) है ऐसा पता चला।

जब आपको आखिरकार डायग्नोसिस मिला तो कैसा लगा? डायग्नोसिस से पहले आपने क्या सोचा था जब दर्द होता था?

जब भी दर्द होता था तो मन में एक ही ख्याल आता था कि — मेरे साथ ही ऐसा क्यों होता है, इतना खतरनाक दर्द हो रहा है, बार-बार ये दर्द क्यों होता है, क्या कारण हो सकता है,यही सब विचार आते थे पर मम्मी पापा लोकल में डॉक्टर के पास ले जाते थे डॉक्टर नॉर्मल चेक करके दर्द के लिए दवाई देते थे एक-दो दिन में ठीक हो जाता था और फिर दो-तीन महीने तक कोई प्रॉब्लम नहीं होती थी उसके बाद फिर से यही प्रॉब्लम वापस से होती थी, लेकिन प्रॉपर बीमारी का पता नहीं चल पा रहा था और ट्रीटमेंट भी सही तरीके से नहीं हो रहा था उसके बाद जब ज्यादा तबीयत खराब हुई तो बड़े हॉस्पिटल लेकर गए वहां पर ट्रीटमेंट कराया उसके बाद डॉक्टर ने टेस्ट सजेस्ट किये फिर HPLC और जरूरी टेस्ट काराए और रिपोर्ट में इस बीमारी के बारे में पता चला तब मैं घबराया और मेरे साथ पापाजी भी घबरा गये की यह कौन सी बीमारी है इससे कैसे दर्द होता है शुरुआत में समझ ही नहीं आ रहा था लेकिन फिर डॉक्टर ने जो दवाई सजेस्ट की वे दवाई प्रॉपर लेने लगा उसके बाद से दर्द के क्राइसिस नहीं हुए और काफी आराम हुआ तो फिर दूसरे कामों में मन लगने लगा उसके बाद मैं इस बीमारी के बारे में गूगल से यूट्यूब से सर्च करके पता किया कि यह सब क्या है ऐसा क्यों होता है तब मुझे धीरे-धीरे समझ आया और फिर यह एक्सेप्ट किया की हां मुझे यह बीमारी है और उसके बाद और ज्यादा अच्छे तरीके से मैं अपना ख्याल रखने लगा पापाजी को भी बताया कि ऐसा-ऐसा होता है तो पापाजी भी मेरा और अच्छे और ज्यादा तरीके से ध्यान रखने लगे।

इस बीमारी के बारे में पता चलने से पहले जब लास्ट टाइम मुझे डायग्नोसिस हुआ था तब मैं और मेरी फैमिली बहुत परेशान हुए थे।

उसके बाद मैंने सोचा कि मुझे यह बीमारी क्यों है यह कैसे होती है तब जानकारी निकाली तो पता चला कि यह एक अनुवांशिक बीमारी है। और बाद में मुझे नेस्को के बारे में पता चला और गौतम डोंगरे सर से मिला और पता चला की मेरे जैसे कई लोग और बच्चे इस बीमारी से पीड़ित है और उनके माता-पिता भी मेरे मम्मी पापा की तरह ही परेशान हो रहे है या होते हैं उसके बाद मैं भी NASCO के साथ मिलकर समाज सेवा करने लगा।

आप कौन सा ट्रीटमेंट ले रहे हैं, इलाज कर रहे हैं ? आप रोज़ कौन सी गोलियां और सप्लीमेंट्स लेते हैं?

मैं हर 2 से 3 महीने में हेमेटोलॉजिस्ट डॉक्टर के एडवाइस के अनुसार CBC, LFT, KFT टेस्ट करता हूं और उन्हें अपनी रिपोर्ट दिखाता हूं उसके बाद रिपोर्ट के अनुसार हाइड्रोक्सी यूरिया का डोज और फोलिक एसिड टैबलेट और साथ ही कैल्शियम की टेबलेट लेने की एडवाइज देते हैं| उनके बताएं अनुसार मैं यह टैबलेट खा रहा हूं।

सिकल सेल की वजह से आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर क्या असर पड़ता है? एक आम दिन कैसे बीतता है?

सिकल सेल की वजह से मैं ज्यादा भारी काम नहीं कर पाता और रोज हाथों में हल्का-हल्का दर्द और शरीर में किसी भी हिस्से में हल्का-हल्का दर्द रहता है और साथ ही किसी भी काम को करते समय जल्दी थक जाता हूं। इस तरह मेरा हर दिन बीत रहा है।

आपको आम तौर पर किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?

आमतौर पर मुझे बहुत सी चुनौतियां का सामना करना पड़ता है जैसे - ज्यादा भारी काम ना कर पाना, काम करते समय जल्दी थक जाना, शरीर में किसी भी हिस्से में हल्का-हल्का दर्द रहना, हाथों में दर्द बना रहता है, सोते समय चेस्ट में कभी-कभी पेन होता है, इत्यादि चुनौतियां हैं।

दर्द के एपिसोड/घटनाक्रम/प्रसंग(संकट) आपके रूटीन,काम या पढ़ाई पर क्या असर डालते हैं?

दर्द के कारण काम नहीं कर पाता हूं जल्दी थक जाता हूं पढ़ाई करते समय अच्छे से पढ़ नहीं पाता हूं और जो कुछ पढ़ता हूं उसे पूरे तरीके से याद नहीं रख पाता हूं और घर में भी मम्मी पापा कोई काम बताते हैं तो कुछ याद रहते हैं और कुछ काम भूल जाता हूं यह सब दिक्कतें होती है।

सिकल सेल के कारण से आपकी मेंटल (मानसिक) या इमोशनल/भावनात्मक हेल्थ/स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ा है?

सिकल सेल के कारण मैं किसी भी बात को लेकर बहुत विचार करता हूं कि यह कैसे करूंगा क्या करूंगा कब तक करूंगा और साथ ही बहुत सी बातें कभी-कभी भूल भी जाता हूं यह सब दिक्कतें होती है।

इस स्थिति से जूझने/मुकाबला करने में किन चीज़ों से या किस तरह के सपोर्ट से आपको सबसे ज़्यादा मदद मिली है.

इस स्थिति में मुझे सबसे ज्यादा मदद मम्मी पापा से मिली है क्योंकि जब भी मैं इस बीमारी के बारे में सोचता हूं तो मम्मी या पापा मेरी बातों को ध्यान से समझते हैं और वह मुझे दिलासा देते हैं कि इतना मत सोच जो है वह तो पता चल ही गया है अब उसके बारे में ज्यादा सोचकर परेशान क्यों होता है जो काम होता है वही कर और जब भी मुझे क्राइसिस (संकट) होते हैं तो मम्मी पापा ही संभालते हैं। मम्मी पापा का मेरी जिंदगी में बहुत सपोर्ट है।

इस बिमारी ने परिवार, दोस्तों, सहयोगी या जीवन साथी के साथ आपके रिश्तों पर क्या असर डाला है?

इस बीमारी के कारण मैं कहीं जा नहीं पाता हूं ज्यादा ट्रैवल नहीं कर पाता हूं क्योंकि अचानक से कभी भी क्राइसिस शुरू हो जाते हैं परिवार में केवल मम्मी पापा ही मुझे संभालते हैं और मुझे समझते हैं बाकी और कोई नहीं| कुछ दोस्त है जो समझते हैं और मुझे दिलासा देते हैं| बाकी के दोस्त समझना ही नहीं चाहते और जरूरत पड़ने पर साथ छोड़ देते हैं| इस प्रकार मेरे जीवन में इस बीमारी ने यह असर डाला है।

क्या सिकल सेल ने आपकी पढ़ाई या करियर पर कोई असर डाला है?

हां, इस बीमारी के कारण मैं अच्छे से पढ़ाई नहीं कर पाता था और जब भी पढ़ाई करता तो क्राइसिस के कारण पढ़ाई में मन नहीं लगता था| कुछ चीज याद नहीं हो पाती थी फिर भी मैंने अपनी पढ़ाई पुरी की और अब इस बीमारी के कारण मैं मेरा करियर नहीं बना पा रहा हूं और मुझे करियर की बहुत चिंता होती है।

सिकल सेल से पीड़ित दूसरे लोगों को आप क्या सलाह देंगे?

सिकल सेल से पीड़ित अन्य साथियों को, मेरी यह सलाह है कि वे जल्द से जल्द हेमेटोलॉजिस्ट डॉक्टर से मिले और उनकी एडवाइस के अनुसार CBC, LFT, KFT टेस्ट कराएं और हर 2 से 3 महीने में यह टेस्ट उन्हें दिखाएं जिसके अनुसार वे सही दवाई दवा लिख सकें| और सभी साथी हेमेटोलॉजिस्ट डॉक्टर के सलाह के अनुसार ही दवाई का सेवन करें ताकि आगे चलकर उनको कभी दर्द या क्राइसिस ना हो और सभी साथी अपना अच्छे से ध्यान रखें सबसे ज्यादा बारिश और ठंड के मौसम में अपना ध्यान रखे , क्योंकि मौसम में परिवर्तन और तापमान में गिरावट और नमी से सिकल सेल एनीमिया (SCD) पीड़ित लोगों की Red Blood Cell सिकुड़ जाती है। इससे Red Blood Cell दरांती/काजू के आकार की हो जाती है जो आपस में चिपककर रक्त प्रवाह को रोकती हैं, जिससे गंभीर दर्द (Pain crisis) का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही सिकल सेल मरीजों की Immunity System कमजोर होता है, जिसके कारण सर्दी-जुकाम और निमोनिया जैसी बीमारी होने की संभावना रहती है, कोई भी छोटा संक्रमण गंभीर रूप लेकर सिकल सेल से पीड़ित व्यक्ति के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

फास्ट फूड का सेवन ना करें या कम से कम करें और अन्य सिकल सेल साथियों से जुड़े रहे ताकि सभी को एक दूसरे का मार्गदर्शन मिलता रहे।

Changed
19/Jul/2026