Skip to main content
Submitted by PatientsEngage on 10 March 2020
Image of a person snoring and sleeping with demonstrations of airways being affected

जोर से खर्राटे लेना अकसर एक गंभीर समस्या का लक्षण है जिसे ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया (ओ एस ए) कहते हैं। अगर आप और आपका कोई प्रियजन खर्राटे लेता है तो इस लेख में स्लीप एप्निया पर दी गयी जानकारी आपके लिए बहुत उपयोगी होगी । इलाज के विकल्प भी बताए गए हैं।

ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया क्या है?

ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया या ओ एस ए (OSA) एक चिकित्सकीय (मेडिकल) समस्या है जिसमें नींद के दौरान अनैच्छिक रूप से, बिना जाने बूझे, सांस बार बार रुक जाती है। ऐसे छोटे-छोटे अंतराल के लिए सांस नहीं ले पाने को एप्निया कहते हैं।

Read in English: When You Need To Take Snoring Seriously

एप्निया सोते समय सांस की नली (श्वासनली)के आंशिक या पूरी तरह से बंद होने से होता है। व्यक्ति के गले की मांसपेशियां और जीभ आराम की मुद्रा में (शिथिल) होती हैं और अंदर की ओर ढुलक जाती हैं जिससे सांस का प्रवाह रुक जाता है और दिमाग में खून कम मात्रा में पहुंचता है। जब खून ठीक से दिमाग में नहीं पहुँचता तो दिमाग शरीर को जगा देता है ताकि शरीर फिर से सांस लेना शुरू कर सके। व्यक्ति उस समय कुछ क्षण के लिए उठ तो जाता है लेकिन बाद में अक्सर उसे यह घटना याद नहीं रहती है। ऐसा रात में कई बार हो सकता है जिससे रात में नींद पूरी नहीं हो पाती है और व्यक्ति दिन में ऊंघने लगता है और झपकी आती रहती है।

स्लीप एप्निया के प्रकार क्या है?

स्लीप एप्निया तीन प्रकार के होते हैं - ऑब्स्ट्रक्टिव, सेंट्रल और मिक्स्ड

ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया सबसे आम स्लीप एप्निया है। यह लगभग 4% पुरुषों और 2% महिलाओं में पाया जाता है। ओ एस ए एक शारीरिक संरचना संबंधी (मैकेनिकल) समस्या के कारण होता है जिससे श्वासनली में बाधा आती है। आप एक रात में एक घंटे में कितनी बार जाग रहे हैं उसके आधार पर ओ एस ए का प्रकार हल्का, मध्यम या गंभीर माना जाता है।

ओ एस ए का प्रकार प्रति घंटे होने वाली सांस रुकने की घटनाएं
हल्का 5 से 14
मध्यम 15 से 30
गंभीर

30 या इससे अधिक

सेंट्रल स्लीप एप्निया में हो सकता है कि सांस नली में कोई बाधा ना हो लेकिन दिमाग शरीर को सांस लेने के संकेत देने में विफल रहता है। ऐसे एप्निया अस्थायी होते हैं लेकिन दिमाग के सेंट्रल नर्वस सिस्टम से उत्पन्न होते हैं।

सम्बंधित लेख पढ़ें: मैंने अपनी स्लीप एपनिया समस्या को कैसे ठीक किया

 

मिक्स्ड और कॉम्प्लेक्स स्लीप एप्निया तब होता है जब व्यक्ति दोनों प्रकार के एप्निया - ऑब्स्ट्रक्टिव और सेंट्रल स्लीप एप्निया - एक ही समय पर अनुभव करता है। इसका पता पूरी रात की नींद का अध्ययन कर लगाया जाता है।

आपको किन लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए?

  • नियमित एवं जोर से खर्राटे लेना और बीच-बीच में शांत हो जाना। पीठ के बल सोने पर खर्राटे अक्सर तेज हो जाते हैं और करवट लेने पर खर्राटे कम हो जाते हैं। यह सबसे अधिक प्रत्यक्ष लक्षण है, और अक्सर साथ में सो रहा व्यक्ति इसे देख सकता है।
  • श्वासनली में बाधा की वजह से रुक-रुक कर सांस लेने की प्रक्रिया बदल जाती है और हांफने या दम घुटने की तरह लगती हैं।
  • नींद की कमी की वजह से दिन में ऊंघना और झपकी लेना। लोग शायद काम करते वक्त या गाड़ी चलाते वक्त या फोन पर बात करते समय झपकी लें या सो जाएँ।
  • सांस लेने में तकलीफ के कारण नींद टूटती रहती है। व्यक्ति नींद की साइकिल के आर इ एम और नॉन आर इ एम स्टेज तक नहीं पहुंच पाता।
  • रात में दिमाग को कम ऑक्सीजन मिलने की वजह से सुबह सर दर्द होता है।
  • सुबह गले या मुंह का सूखना या छाले पड़ जाना।
  • कामेच्छा में कमी।
  • मानसिक स्वास्थ्य की समस्या के लक्षण जैसे चिड़चिड़ापन, खीज आना, भूल जाना, ध्यान लगाने में मुश्किल होना, छोटी छोटी बातों पर गुस्सा आना और यहां तक कि अवसाद / डिप्रेशन।

ओ एस ए होने का जोखिम किसको है?

ओ एस ए किसी को भी हो सकता है लेकिन निम्नलिखित कारणों से इसका जोखिम बढ़ जाता हैं:-

  • पतली सांस की नली – जो जन्मजात हो सकती है या फिर बढ़े हुए टॉन्सिल्स के कारण हो सकती है।
  • रात के समय में नाक में बार-बार जमाव होना जिससे सांस लेने में बाधा होती है।
  • वजन ज्यादा होने की वजह से गले और गर्दन के आसपास फैटी टिशूज का जमा होना। याद रहे ओ एस ए पतले लोगों को भी हो सकता हैं।
  • हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन एक आम कारण है।
  • डायबिटीज भी एक प्रमुख रिस्क फैक्टर है।
  • धूम्रपान की आदत जिससे सांस संबंधी सिस्टम में सूजन आ जाती है और सांस का बहाव अच्छी प्रकार से नहीं हो पाटा है।
  • शराब के नियमित और लम्बे समय तक सेवन से गले की मांसपेशियां ढीली पड़ जाती हैं और सांस की नली में बाधा पैदा करती हैं ।
  • अस्थमा (दमा) को हाल ही में ओ एस ए से जोड़ा गया है।
  • परिवार के किसी सदस्य को स्लीप एप्निया होने को भी एक रिस्क फैक्टर माना जाता है।
  • पुरुषों में जोखिम अधिक होता है।
  • बढ़ती उम्र की वजह से गले की मांसपेशियों का कमजोर होना।

इसका निदान कैसे किया जाता है?

निदान के पहले चरण में लक्षणों के इतिहास के बारे में पूछा जाता है और मुंह एवं गले की जांच की जाती है। डॉक्टर शारीरिक परिक्षण से यह पता लगाते हैं कि कहीं टॉन्सिल्स या एडिनॉइड बढ़े हुए तो नहीं है या फिर उवुला, जीभ या फिर सॉफ्ट पैलेट पर कोई फैटी टिशु तो जमा नहीं है। यदि कोई संदेह होगा तो डॉक्टर आपको स्लीप स्पेशलिस्ट से परामर्श करने का सुझाव देंगे जहां सोते समय मशीन आपके ह्रदय, फेफडों और मस्तिष्क की गतिविधियों का आंकलन करेंगे।

इलाज के विकल्प क्या है?

डॉक्टर इलाज स्थिति की गंभीरता के अनुसार तय करते हैं। नीचे देखें कुछ आम चिकित्सकीय विकल्प:-

  1. पॉजिटिव एयरवे थेरेपी (पी ए पी) थेरेपी- इस में लगातार, स्वचालित या सतत पी ए पी शामिल है।
  2. मौखिक यंत्र जैसे मंडीबुलर एडवांसमेंट उपकरण और टंग रिटेनिंग माउथपीस।
  3. सर्जरी टॉन्सिल्स हटाने के लिए, नाक की मरम्मत के लिए, युवोलाप्लैटिंगौप्लास्टी (गले से उवुला और सॉफ्ट टिशूज हटाने के लिए) या मैक्सिलोमंडीबुलर (ऊपरी और निचले जबड़े को आगे ले जाने के लिए) सर्जरी।

ओ एस ए का इलाज करना क्यों जरूरी है?

ओ एस ए की पहचान करना और इसका इलाज करवाना बहुत जरूरी है। यदि इसका इलाज ना किया जाए तो ओ एस एस ए से कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

ओ एस ए के इलाज के कुछ लाभ:-

  • रात की नींद का बेहतर होना।
  • दिन के समय में नींद कम आना और ऊर्जा एवं कार्यक्षमता का बढ़ना।
  • ओ एस ए का इलाज करने से हृद्वाहिनी समस्याओं से बचा जा सकता है। ओ एस ए के कारण होने वाली समस्याएँ हैं - ऑक्सीजन लेवल का अचानक गिरना, हाइपरटेंशन, कोरोनरी हार्ट डिजीज, हार्ट अटैक और स्ट्रोक । इलाज करने से ये जोखिम कम हो सकते हैं।
  • यदि आपको ओ एस ए है तो कुछ विशेष दवाओं के उपयोग के दौरान या फिर कुछ सर्जरी के दौरान बहुत ध्यान रखने की जरूरत होती है, क्योंकि ओ एस ए इन दवाओं की कारगरता में बाधा पैदा कर सकता है - है जैसे नींद की दवा, या जनरल और नारकोटिक एनाल्जेसिक जिन से ऊपरी श्वासनली को रिलैक्स करा जाता है। जिस व्यक्ति को ओ एस ए है उनमें सर्जरी के दौरान और सर्जरी के बाद सम्भावित जटिलताओं (कोम्प्लिकेशन) का खतरा बढ़ जाता है।
  • टाइप टू डायबिटीज हो तो ओ एस ए का इलाज करने से डायबिटीज कम तेज़ी से बढ़ेगा।
  • मोतियाबिंद (ग्लोकोमा) जैसी आंखों की बीमारी का खतरा कम हो सकता है।
  • अपने साथ सो रहे व्यक्ति की नींद में बाधा नहीं उत्पन्न होगी।

ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया

सेंट्रल स्लीप एप्निया

कॉम्प्लेक्स स्लीप एप्निया

श्वासनली में बाधा होना स्लीप एप्निया का सबसे आम कारण है

इसमें अकसर जोर से खर्राटे आते हैं

इसका कारण श्वासनली में बाधा नहीं है

इसमें दिमाग मांसपेशियों को सांस लेने का संकेत नहीं देता है
आम तौर पर इस में खर्राटे नहीं आते हैं

इस में ऑब्स्ट्रक्टिव और सेंट्रल स्लीप एप्निया दोनों मौजूद होते हैं

Changed
29/Dec/2021

Stories

  • Cardiovascular Complications of Diabetes
    Persons with diabetes have a 2-to-3 fold higher rate of cardiovascular complications than those without diabetes. Read more about how diabetes increases the risk of complications and what can be done to manage this risk. Pro-tip: The best approach is to manage and control diabetes well.  The diabetic population is known to have a 2-to-3 fold higher rate of complications than the non-diabetic population. While it is true that diabetes increases the risk of getting numerous…
  • Managing Diabetes and Hypertension Effectively
    People with diabetes are at a higher risk of high blood pressure. High Blood pressure also increases the risk of diabetes. This co-existence leads to cardiovascular conditions, stroke, kidney disease, visual impairment and more. Read more to understand how you can manage both these conditions to improve your health outcomes. The International Diabetes Federation estimated that 72.9 million adults in India had diabetes in 2017, and this number would grow to 134 million by the year 2045. Studies…
  • Upcoming Webinar: PCOS, Obesity and Fertility
    PCOS is a growing cause of concern among women these days. Women with PCOS struggle with weight issues, skin and hair issues as well as fertility issues.  PCOS can be managed. Find out how. Join us as we speak with Anjali Uthup Kurian, RJ Radio Mango and Trustee, Sunny Foundation Dr. Usha Sriram, Endocrinologist and Founder Diwas, which is focussed on women's health Dr. Sheela Nambiar, OBGYN and Lifestyle Medicine Physician Moderated by Aparna Mittal of PatientsEngage When: 21st October…
  • यदि मुझे उच्च रक्तचाप है तो क्या मैं व्यायाम कर सकता हूँ?
    व्यायाम उच्च रक्तचाप को प्रबंधित करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है, परन्तु यदि आपको उच्च रक्तचाप है तो व्यायाम करते समय कुछ सावधानियां आवश्यक हैं। व्यायाम उच्च रक्तचाप को कम करने का सबसे अच्छा तरीका है और डॉक्टर उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) वाले लोगों को व्यायाम करने की सलाह देते हैं। व्यायाम करने से हृदय रक्त को बेहतर पंप कर पाता है जिससे धमनियों पर कम जोर पड़ता है और रक्तचाप कम होता है। व्यायाम व्यक्ति के ऊर्जा के स्तर और समग्र सहनशक्ति को बढ़ाने में भी मदद करता है, एक अच्छा एहसास प्रदान करता…
  • भुनी मेथी चिकन - डायबिटीज और दिल के अनुकूल रेसिपी
    एक स्वस्थ और स्वादिष्ट प्रोटीन युक्त,  कम वसा वाली  रेसिपी। सभी के लिए अनुकूल - खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें मधुमेह है - डाईबेटिस अवेयरनेस एंड यू द्वारा योगदान। सामग्री: चिकन (बोनलेस): 50 ग्राम खट्टा दही: 50 ग्राम अदरक: 1 चम्मच (पेस्ट) लहसुन: 1 चम्मच (पेस्ट) हरी मिर्च: 1 चम्मच (पेस्ट) नमक स्वादअनुसार मेथी साग: 20 ग्राम (पेस्ट) तेल: ब्रश करने के लिए 1 चम्मच 2.5 मिली गोभी का पत्ता: 1 बड़ा टुकड़ा नींबू का रस: 1 चम्मच (रस) प्रक्रिया: चिकन को ठीक से धोएं पत्ता गोभी और तेल को छोड़कर सभी…
  • Collage of pictures of Hemalatha with her husband and her mother
    "My Organs Are Like My Babies"
    Hemalatha Rao was diagnosed with a hole in her heart at the age of three. Since then she has dealt with a slew of conditions and has even undergone a heart and double lung transplant in the midst of the Covid Pandemic. She shares her experience and her approach to building mental fortitude and resilience. At the age of 46, just before the 2nd Covid wave hit the country, I underwent a heart and double lung transplant. I have been waiting for this transplant since Aug 2019, when the world had not…
  • मूंग दाल डोसा - एक हेल्दी स्नैक विकल्प
    मूंग दाल प्रोटीन, विटामिन और आहार फाइबर का एक बड़ा स्रोत है। मूंग दाल डोसा या पेसारट्टू सोडियम, संतृप्त वसा (फॅट्स) और कोलेस्ट्रॉल में कम है, जो मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल और उच्च रक्तचाप वाले लोगों के लिए एक बहुत ही स्वस्थ स्नैक विकल्प है। छोटे बच्चों के लिए एक स्कूल के बाद नाश्ते के लिए भी बिल्कुल सही है। सामग्री : 1 कप साबुत हरी मूंग दाल 1 बड़ा चम्मच उड़द दाल 2 बड़े चम्मच दही 3-4 बड़े चम्मच पानी स्वाद के लिए नमक (नुस्खा में न्यूनतम या कोई नमक जोड़ें) 2 हरी मिर्च (वैकल्पिक) Read this recipe in…
  • A woman in the middle of her run holding her calf
    पैर में ऐंठन - कारण और बचाव के उपाय
    क्या आपको कभी-कभी अपनी पिंडली की मांसपेशियों में या पैर के अंगूठे में अचानक ऐंठन होती है? इस लेख में डॉ. शीतल रावल पैर की ऐंठन की समस्या के कारण बताती हैं और इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए कुछ टिप्स देती हैं पैर में ऐंठन ज्यादातर व्यक्तियों द्वारा अनुभव की जाने वाली एक सामान्य लेकिन हानिरहित स्थिति है। (कनाडा और अमेरिका में मुख्य रूप से इस स्थिति को चार्ली हॉर्स कहते हैं)। यह समस्या अकसर पिंडली के क्षेत्र में मांसपेशियों के अचानक दर्दनाक संकुचन से होती हैं। ऐंठन कुछ सेकंड से लेकर कुछ मिनटों…
  • A person's arm cuffed by a BP monitor
    घरेलू उपयोग के लिए ब्लड प्रेशर मॉनिटर का चयन और उपयोग कैसे करें?
    यदि आप अपने रक्तचाप को घर पर मापना चाहते हैं, तो आपको एक “होम बीपी मॉनिटर” (घरेलू रक्तचाप मॉनिटर) खरीदना होगा। यह तय करना जरूरी है कि आपके द्वारा चुना गया ब्लड प्रेशर मॉनिटर ठीक रीडिंग देता है और आपके लिए सही है। साथ ही, आपको मॉनिटर का इस्तेमाल भी सही तरह से करना चाहिए। कभी-कभी डॉक्टर आपको अपने रक्तचाप की अधिक निगरानी करने के लिए कह सकते हैं, खासकर यदि आपको उच्च रक्तचाप हो या कोई अन्य सम्बंधित या गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो। ऐसे मामलों में, घर में इस्तेमाल करने के लिए बीपी मॉनिटर खरीदने की जरूरत…
  • धूम्रपान छोड़ने के बाद मेरे सांस लेने में और सो पाने में सुधार हुआ है
    रमेश कोप्पिकर 35 वर्षों से भारी धूम्रपान करने वाले व्यक्ति थे और उन्होंने धूम्रपान छोड़ने के कई असफल प्रयास किए थे। आखिरकार उन्हें जब दिल का दौरा पड़ा तो उन्हें निकोटीन की लत और धूम्रपान की आदत से हमेशा के लिए छुटकारा पाने का हौसला मिला। पढ़िए उनके द्वारा शेयर की हुई उनकी कहानी। मैंने सिगरेट पीना 23 साल की उम्र में शुरू करा था- उन दिनों मैं बीएचयू वाराणसी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था । मैं कैंपस के हॉस्टल में रह रहा था और मैं और मेरे दोस्त रात के खाने के बाद टहलने जाया करते थे। बीएचयू का…